महीन के कुछ ऐसे दिन होते हैं, जब महिलाओं की कामेच्छा अपने चरम पर होती है. अधिकतर महिलाएं अपनी इस स्थिति को आसानी से पहचान जाती हैं. जो महिलाएं अपने मासिक धर्म चक्र को बेहतर तरीके से ट्रेक करती हैं, वो अच्छी तरह से जान जाती हैं कि उनकी कामेच्छा में वृद्धि ओवुलेशन से ठीक पहले होती है. यह पूरी तरह से प्राकृतिक होता है और यही वो समय होता है, जब महिला के गर्भवती होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है. इस दौरान यौन इच्छा को बढ़ाने वाले हार्मोन तेजी से रिलीज होते हैं.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि ओवुलेश और महिला की यौन इच्छा के बीच क्या संबंध होता है -

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  1. ओवुलेशन क्या है?
  2. क्या ओवुलेशन के दौरान कामेच्छा बढ़ सकती है?
  3. ओवुलेशन के बाद कामेच्छा
  4. सारांश
ओवुलेशन में कामेच्छा का बढ़ना के डॉक्टर

मासिक धर्म चक्र के दौरान जब महिला के अंडाशय से अंडा रिलीज होने लगता है, तो उस समय को ओवुलेशन कहा जाता है. इस स्थिति में जब अंडाशय से अंडा निकलता है, तो यह फैलोपियन ट्यूब में चला जाता है. यहां अंडा, स्पर्म के साथ मिलकर फर्टिलाइज होता है, लेकिन इस स्थिति में अंडा, शुक्राणु द्वारा निषेचित हो भी सकता है और नहीं भी. अंडे के शुक्राणु द्वारा निषेचित होने पर महिला गर्भधारण कर लेती है. वहीं, अगर शुक्राणु अंडे को अनफर्टिलाइज्ड छोड़ देता है, तो अंडाणु टूट जाता है और पीरियड्स के दौरान यूट्रस की परत निकल जाती है. आमतौर पर अंडा यानी एग अगले पीरियड्स की शुरुआत से 14 दिन पहले रिलीज होता है. इस प्रक्रिया को ओवुलेशन के रूप में जाना जाता है.

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ओवुलेशन वह समय होता है, जिसमें आप आसानी से गर्भधारण कर सकती हैं. यह हर महीने लगभग 7 दिन तक रहता है. अगर किसी महिला की ओवुलेशन प्रक्रिया चल रही होती है, तो इस स्थिति में उसकी कामेच्छा बढ़ सकती है. दरअसल, ओवुलेशन से 3-4 दिन पहले महिलाओं में ल्यूटिनकारी हार्मोन स्तर बढ़ जाता है.

आपको बता दें कि ओवुलेशन से 24 से 36 घंटे पहले एलएच का स्तर अधिक होता है. इसलिए, अगर इन दिनों में सेक्स किया जाता है, तो महिला के गर्भवती होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. वहीं, अगर आप ओवुलेशन से 3 दिन पहले सेक्स करती हैं, तो गर्भधारण की संभावना 8 से 23 प्रतिशत के बीच होती है. वहीं, अगर ओवुलेशन से 1 दिन पहले बिना कंडोम के सेक्स किया जाए, तो संभावना 21 से 34 फीसदी के बीच बढ़ जाती है. 

कई अध्ययनों में पता चलता है कि ओवुलेशन के दौरान महिलाओं में कामेच्छा बढ़ सकती है. ओवुलेशन के दौरान बढ़ी हुई यौन इच्छा लगभग 6 दिन तक रह सकती है.

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ल्यूटिनकारी और एस्ट्रोजन हार्मोन ओवुलेशन के शुरू होने का संकेत देते हैं और महिला में कामेच्छा के बढ़ने से सीध संबंधित होते हैं. वहीं, इन हार्मोन का कम होना ओवुलेशन के खत्म होने और कामेच्छा में कमी आने का संकेत होते हैं.

एक रिसर्च के अनुसान, जब प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने लगता है, तो यौन इच्छा कम होने लगती है. यह हार्मोन ओवुलेशन के बाद बढ़ना शुरू होता है और अगले ओवुलेशन का समय आने तक हाई लेवल पर रहता है. फिलहाल, यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि कामेच्छा में आई कमी के पीछे प्रोजेस्टेरोन का रोल कितना है, क्योंकि इसमें ल्यूटिनकारी और एस्ट्रोजन में आई कमी की भी अहम भूमिका होती है.

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महिलाएं ओवुलेशन प्रक्रिया और प्रजनन क्षमता को बेहतर करने के लिए आज से Myupchar Ayurveda Prajnas का इस्तेमाल कर सकती हैं -

ओवुलेशन अगले मासिक धर्म के शुरुआत से 14 दिन पहले शुरू होने लगता है. इस स्थिति में महिलाओं के शरीर में ल्यूटिनकारी और एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है, जिसकी वजह से उनमें कामेच्छा बढ़ने लगती है. ओवुलेशन का समय गर्भधारण की चाहत रखने वाले कपल के लिए भी बिल्कुल सही होता है, क्योंकि ओवुलेशन के दौरान सेक्स करने से गर्भधारण की संभावना काफी बढ़ जाती है. अगर आप लंबे समय से कोशिश के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पा रही हैं, तो इस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क किया जा सकता है. अगर आप शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, तो डॉक्टर आपको गर्भधारण करने के लिए ओवुलेशन के दिनों में सेक्स करने की सलाह दे सकते हैं.

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