गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में खून के थक्के बनने की आशंका ज्यादा रहती है. ये खून के थक्के पैर के निचले हिस्से, जांघ, पेल्विस या बांहों में बन सकते हैं. इसकी वजह से फेफड़ों तक खून पहुंचने में बाधा आ सकती है. मेडिकल भाषा में इसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis) यानी डीवीटी कहा जाता है. आंकड़े बताते हैं कि आम महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाओं में खून के थक्के बनने की आशंका 5 गुणा अधिक होती है. ऐसा इसलिए, क्योंकि उस समय गर्भवती महिलाओं का शरीर कई तरह के बदलाव से गुजर रहा होता है. सांस लेने में दिक्कत, चेस्ट में दर्द और खांसी के साथ खून आना गर्भावस्था में खून के थक्के बनने के लक्षण हैं.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि गर्भावस्था में खून के थक्के बनने से कैसे रोका जा सकता है -

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  1. गर्भवती महिलाओं को खून के थक्के होने का खतरा क्यों होता है?
  2. गर्भावस्था में खून के थक्के के लक्षण
  3. गर्भावस्था में खून के थक्के बनने से कैसे रोकें?
  4. सारांश
गर्भावस्था में खून के थक्के बनने से कैसे रोकें? के डॉक्टर

गर्भावस्था के दौरान एक महिला का शरीर कई तरह के बदलाव से गुजरता है. ये बदलाव ही खून के थक्के बनने की वजह होते हैं. आइए, विस्तार से जानते हैं कि गर्भवती महिलाओं को खून के थक्के होने का खतरा अधिक क्यों होता है -

  • गर्भवती महिला के पैरों में ब्लड फ्लो कम हो जाता है, क्योंकि पेल्विस के आसपास के ब्लड वेसल्स बढ़ते हुए बच्चे की वजह से दब जाते हैं.
  • कई बार गभावस्था में महिलाओं को बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है. इसकी वजह से उनकी गतिविधि कम हो जाती है और पैरों व बांहों में ब्लड फ्लो कम हो जाता है.
  • प्रेगनेंसी के समय एस्ट्रोजेन सर्कुलेट होता है, जो खून के थक्के के जोखिम को बढ़ा देता है.

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गर्भावस्था में खून के थक्के के लक्षणों में चेस्ट में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और तेज हार्ट बीट शामिल है. आइए गर्भावस्था में खून के थक्के के अन्य लक्षणों के बारे में जानते हैं -

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गर्भावस्था में खून के थक्के बनने का लक्षण पैरों में दर्द रहना, स्किन का हल्का गरम रहना और सूजन आ जाना है. इसे रोकने के लिए जरूरी है कि गर्भावस्था में महिला शारीरिक गतिविधि करती रहे और खूब सारा पानी पिएं. आइए, विस्तार से जानते हैं कि गर्भावस्था में खून के थक्के बनने से कैसे रोके जा सकते हैं -

शारीरिक गतिविधि

अगर किसी प्रेग्नेंट महिला का वजन ज्यादा है और वह आलसी है, तो इससे उसका ब्लड फ्लो प्रभावित होता है. इससे गर्भावस्था में खून के थक्के बनने की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए, जरूरी है कि वजन को संतुलित बनाए रखने के लिए लगातार मूव करते रहा जाए.

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खून को पतला करने वाली दवा

यदि किसी गर्भवती महिला को बेड रेस्ट के लिए कहा गया है, तो डॉक्टर इस स्थिति में उसे खून को पतला करने वाली दवा लेने की सलाह दे सकते हैं. इसे इंजेक्शन के रूप में रोजाना एक या दो बार दिया जा सकता है.

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यात्रा में सावधानी

यूं तो गर्भवती महिला के लिए फ्लाइट में यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर यह यात्रा की जा सकती है. यदि प्रेग्नेंट महिला को फ्लाइट में लंबे समय के लिए बैठना है, तो उसे हर घंटे या दो घंटे पर खड़े होकर थोड़ा हिलने और चलने की सलाह दी जाती है. बैठे हुए भी उसे अपनी एड़ी को घुमाने के लिए कहा जाता है. लंबी कार या बस राइड भी करनी हो, तो भी ऐसा ही करने की सलाह दी जाती है, ताकि खून के थक्के न बनें.

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खूब सारा पानी पीना

गर्भावस्था के दौरान खूब सारा पानी पीने से शरीर में खून के थक्के बनने की आशंका कम हो जाती है. शोध के अनुसार, गर्भावस्था में महिलाओं को रोजाना 10 गिलास पानी पीना चाहिए.

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सही एक्सरसाइज है जरूरी

बैठे हुए भी एक्सरसाइज की जा सकती है. इसमें सीटेट लेग क्रंच शामिल हैं. इसे करने के लिए पैरों को सीधा फैलाकर एंकल को मूव करके पैर की उंगलियों को अपनी ओर खींचने और फिर दूर करना चाहिए.

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कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स पहनना

ये खास तरह की जुराब ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाने और पैरों में सूजन को कम करने में मददगार होती हैं. कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स खून के थक्के बनने के जोखिम को कम करने में अहम भूमिका निभाती है.

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गर्भावस्था में खून के थक्के बनने से ये फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं और पल्मनरी एम्बोलिज्म नामक ब्लॉकेज का कारण बन सकता है. इससे फेफड़ों तक खून पहुंचने में बाधा आ सकती है. इससे बचने के लिए गर्भवती महिला को मूव करने, खूब सारा पानी पीने व खास एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है. यदि किसी भी प्रेग्नेंट महिला को इसके लक्षण महसूस हो, तो उसे डॉक्टर के पास जाकर जांच करानी चाहिए.

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